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कप्तान सुनील छेत्री के गोल से भारत ने अफगानिस्तान को 2-1 से हराकर सैफ चैंपियनशिप जीती


तिरूवनन्तपुरम : कप्तान सुनील छेत्री के अतिरिक्त समय में किये गये गोल की बदौलत भारत ने आज पिछले चैंपियन अफगानिस्तान को 2-1 से हराकर पिछली बार फाइनल में मिली हार का बदला चुकता करने के साथ ही सातवीं बार दक्षिण एशियाई फुटबाल फेडरेशन (सैफ) कप जीता। भारत 2013 में काठमांडो में खेले गये टूर्नामेंट में अफगानिस्तान से 0-2 से हार गया था लेकिन आज फाइनल में उसने बेहतर खेल दिखाया और अफगानिस्तान को बैकफुट पर रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भारत ने पहले एक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी की और बाद में अतिरिक्त समय में विजयी गोल दागा। स्टीफन कान्सटेनटाइन की कोचिंग वाली भारतीय टीम बड़े अंतर से जीत दर्ज कर सकती थी लेकिन दो अवसरों पर उसे गोल से वंचित किया गया। आखिर में हालांकि भारत इन दोनों टीमों के बीच सैफ कप में लगातार तीसरे फाइनल में विजेता रहा। भारत ने इससे पहले 1993, 1997, 1999, 2005, 2009 और 2011 में खिताब जीता था।

भारत की तरफ से जेजे लालपुखुलवा ने 72वें मिनट और सुनील छेत्री ने 101वें मिनट में गोल किया। जुबैर आमिरी ने 69वें मिनट में गोल करके अफगानिस्तान को शुरूआती बढ़त दिलायी थी। विश्व में 166वें नंबर के भारत की अफगानिस्तान (150वें नंबर) पर आज की जीत कान्सटेनटाइन के पिछले साल के शुरू में दूसरी बार कोच पद संभालने के बाद पहली खिताबी जीत है। सैफ कप में दसवीं बार फाइनल में खेल रहे भारत ने इस तरह से क्षेत्रीय टूर्नामेंट में फिर से अपनी बादशाहत कायम की। इससे उसका फीफा रैकिंग में भी आगे बढ़ना तय है। अफगानिस्तान विदेशों में बसे अपने 15 खिलाडि़यों के साथ टूर्नामेंट में उतरा था और आखिरी बार सैफ कप में खेल रही इस टीम का लक्ष्य खिताब जीतना था। इसके बाद अफगानिस्तान अब मध्य एशिया महासंघ से जुड़ जाएगा। भारत ने सेमीफाइनल में मालदीव के खिलाफ 3-2 से जीत दर्ज करने वाली अपनी शुरूआती टीम में कोई बदलाव नहीं किया।

अफगानिस्तान ने श्रीलंका को 5-0 से हराने वाली टीम में दो बदलाव किये। शुरू में अफगानिस्तान ने दबदबा बनाने की कोशिश की लेकिन भारतीय टीम ने धीरे ़ धीरे पकड़ बनानी शुरू की। दोनों टीमें हालांकि मध्यांतर गोल करने में नाकाम रही। भारत का भाग्य ने साथ नहीं दिया जो 14वें मिनट में वह बढ़त नहीं बना पाया। स्ट्राइकर जेजे का हेडर क्रास बार से टकराकर वापस आ गया। इससे पहले सातवें मिनट में भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह ने मुस्तफा जजाई का शाट रोका था। इसके चार मिनट बाद उन्होंने अफगान कप्तान फैसल सायेस्त के कार्नर को रोका। दोनों टीमों ने मध्यांतर के बाद भी टीम में कोई बदलाव नहीं किया। भारत ने दूसरे हाफ के शुरूआती 15 मिनट में दबाव बनाया और वह 56वें मिनट में बढ़त के करी भी पहुंच गया था। छेत्री ने जेजे की तरफ गेंद खेली लेकिन उनका बायें पांव से लगाया गया शाट बाहर चला गया।

अफगानिस्तान ने इसके बाद कुछ अच्छे मूव कबनाये। लेकिन भारतीय डिफेन्स ने उनके प्रयासों को नाकाम करने में कसर नहीं छोड़ी। आखिर में 69वें मिनट में आमिरी ने अपनी टीम को बढ़त दिला दी। फैसल का पास अर्णब मंडल के करीब से आमिरी के पास पहुंचा जिन्होंने बायें पांव से शाट लगाकर उसे गोल में डाला। भारत ने हालांकि तीन मिनट बाद ही बराबरी का गोल कर दिया। उन्होंने अफगानिस्तानी रक्षक सैयद हाशिमी के पीछे से आकर छेत्री के हेडर पर यह गोल किया। हाशिमी को विश्वास था कि गोलकीपर अजीजी गोल हासिल कर लेंगे लेकिन गोल होने के बाद दोनों एक दूसरे का मुंह ताकते रहे। 

निर्धारित समय के आखिरी मिनटों में भारत ने बढ़त बनाने के अच्छे प्रयास किये लेकिन अफगान गोलकीपर ने भी शानदार बचाव करके अपनी टीम पर आये खतरों को टाला। सबसे पहले उन्होंने 84वें मिनट में नारायण दास का लंबी दूसरी से लगाया शाट रोका और फिर छेत्री की फ्री किक पर भारत को बढ़त हासिल नहीं कर ने दी। मैच अतिरिक्त समय तक खिंचा और ऐसे में करिश्माई कप्तान छेत्री ने अफगान डिफेंडर हाशिमी को छकाकर अपना नियंत्रण बनाये रखते हुए दायें पांव से शाट जमाकर गोल दागा जिससे स्टेडियम में मौजूद दर्शक उछल पड़े। छेत्री का यह भारत की तरफ से 50वां गोल भी है। 


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