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नए संविधान पर आतिशबाजी से गूंज उठा नेपाल, खुशी सड़कों पर उतरी जनता


काठमांडू : नेपाल में रविवार को नया लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष संविधान लागू होते ही नेपाल में लोग खुशी के मारे सड़कों पर उतर आए और जमकर आतिशबाजी की। लोग अपने हाथों में गुब्बारे लिए हुए नजर आ रहे थे। हर ओर रंग-बिरंगे गुब्बारे आसमान में ऐसे नजर आ रहे थे, जैसे कोई राष्ट्रीय पर्व हो। नए संविधान के लागू होने के साथ ही हिंदू राजशाही को दरकिनार कर धर्मनिरपेक्ष, संघीय लोकतंत्र के नए युग के शुरुआत हो गई। बड़ी संख्या में उत्साहित लोग संविधान सभा के हॉल के बाहर नजर आ रहे थे। राजधानी काठमांडू समेत देश के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर खुशी का इजहार करते नजर आए। लोगों में अपने नए संविधान को लेकर खासा उत्साह था। कई सड़कें तो जलती हुई मोमबत्तियाें से सजी नजर आ रही थीं। 

इस बीच, नए संविधान के लागू होने पर प्रदर्शनों और हिंसा की आशंका को देखते हुए भारत की सीमा से सटे दक्षिणी मैदानी इलाकों समेत पूरे नेपाल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजधानी की सड़कों पर सुरक्षा बल के हथियारबंद जवान हाथ में गुब्बारे लिए हुए नजर आ रहे थे। इससे पहले मधेसी और थारू लोगों के विरोध प्रदर्शनों में अब तक तकरीबन 40 लोग मारे जा चुके हैं। इससे पहले नए संविधान से खुद को हाशिए पर महसूस कर रहे मधेसी और थारू समेत कई छोटी पार्टियां सड़कों पर उतर आई हैं। दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष दूत के रूप में भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर ने नेपाल का दौरा किया था और मधेसियों के मामले में भारत की चिंताओं से अवगत कराया था और कहा था कि नया संविधान सभी की सहमति से स्वीकार्य होना चाहिए। नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत रे ने भी कहा था कि मधेसी और थारु समेत अन्य समुदायों की भावनाओं का सम्मान किए बिना नया संविधान भविष्य में स्थायी नहीं रह पाएगा।

निकाली गईं संविधान विरोधी रैलियां
संविधान लागू होने के साथ ही दक्षिणी नेपाल के कुछ हिस्सों में हिंसा की खबरें हैं। दक्षिणी और पूर्वी नेपाल में संविधान समर्थक और संविधान विरोधी लोगों ने रैलियां निकालीं। बिराटनगर, बीरगंज, धरन और सरलाही में समर्थकों और विरोधियों के बीच जमकर झड़प हुई है। बीरगंज में पुलिस की गोली से एक शख्स की मौत हो गई। वहीं सिराहा में मधेसी मोर्चा के लोगों ने नेपाली कांग्रेस के एक सांसद के घर में आग लगा दी।

सीमावर्ती नेपाल के इलाके जश्न में डूबे
रविवार को नेपाल में नया संविधान लागू होने के बाद सीमावर्ती नेपाल के महेंद्र नगर और बैतड़ी में भी जश्न का माहौल रहा। कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर में सर्वदलीय जश्न मनाया गया। इससे इतर संविधान के विरोध मेें माओवादी (विपल्व गुट) और मधेसी पार्टी के नेपाल बंद का ऐलान सीमांत जिले में बेअसर रहा। महेंद्रनगर और ब्रह्मदेव बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। नेपाल की जनता बोली, देश मेें उनका अपना संविधान लागू होने से उनका 65 साल पुराना सपना साकार हुआ है। नेपाल में नया संविधान लागू होने की खुशी में नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले, एनेकपा माओवादी पार्टी के अलावा उद्योग वाणिज्य संघ, मीडिया कर्मी, बुद्धिजीवियों और आम जनता ने रविवार को महेंद्रनगर में रैली निकालकर संविधान लागू होने का स्वागत किया।





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