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मोर्चा विमल गुरुंग बिफरे बोले सूबे की मुख्यमंत्री 'ममता' नहीं, 'आक्रोश'

मिरिक : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अंदर ममता नाम की चीज नहीं हैं। वो ममता नहीं, आक्रोश हैं। दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के लोगों ने उन्हें सर-आंखों पर बिठाया। परंतु फिर भी उन्होंने थोड़ी भी ममता नहीं दिखाई। उक्त उद्गार जीटीए प्रमुख विमल गुरुंग ने व्यक्त किए। वे रविवार को स्थानीय खंड के निरपानी में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर्वतीय क्षेत्र में गोरखा जातियों को तोड़ने के षड़यंत्र की राजनीति कर रही हैं। इस बार सिलीगुड़ी महकमा चुनाव में भाजपा एवं आविप गठबंधन ही बोर्ड गठित करेगा। गठबंधन के उम्मीदवारों को जीत दिलाने की अपील करते हुए जीटीए प्रमुख ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान होगा एवं विकास भी। जीटीए संचालन में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देने से ज्यादा लेना चाहती है। न तो सभी विभाग जीटीए को हस्तांतरित किए और ना ही उनका संचालन ही करने दिया। 

विमल ने सन 2016 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल की सरकार को उखाड़ फेंकने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने अभी तक केंद्र सरकार ने छह सौ करोड़ रुपये जीटीए क्षेत्र के विकास को दिया है। परंतु राज्य सरकार ने एक भी पैसा नहीं दिया। इससे स्पष्ट है कि सरकार को पर्वतीय क्षेत्र से कोई वास्ता नहीं। जातियों को विभक्त कर आखिर मुख्यमंत्री किस तरह की राजनीति करना चाहती हैं यह स्पष्ट हो चुका है। सभासद चम्फा विभार की अध्यक्षता एवं हरि प्रसाद निरौला के संचालन में संपन्न चुनावी सभा में भाजपा के प्रदेश सचिव विश्वप्रिय रॉय चौधरी ने भी लोगों से भाजपा-आविप उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान की अपील की। इससे पूर्व जीटीए प्रमुख विमल गुरुंग ने निरपानी कोलाबाड़ी नेपाली जूनियर हाईस्कूल के नए दो मंजिले के निर्माण का शिलान्यास किया। 1.97 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले भवन का निर्माण एक साल में पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर मोर्चा महासचिव रोशन गिरि एवं अन्य नेता भी उनके साथ थे।

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