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मदन तामांग हत्याकांड : सीबीआइ ने हाइकोर्ट में जमा की केस डायरी

कोलकाता। अखिल भारतीय गोरखा लीग के पूर्व अध्यक्ष मदन तामांग हत्याकांड मामले में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता विमल गुरुंग सहित 23 आरोपियों द्वारा अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान सीबीआइ की ओर से हाइकोर्ट में केस डायरी जमा किया गया. सीबीआइ ने 15 डब्बों में यह केस डायरी पेश किया, जिसे देखने के बाद न्यायाधीश असीम कुमार राय व न्यायाधीश एमएम बनर्जी की डिवीजन बेंच ने सीबीआइ को इस केस डायरी का संक्षिप्त विवरण जमा करने का निर्देश दिया. डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के लिए चार सप्ताह के लिए टाल दिया. 

गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश से सीबीआइ से पूछा कि आठ अक्तूबर 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा था. लेकिन जब जांच के दौरान सीबीआइ ने देखा कि इन लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं तो क्या उस समय सीबीआइ ने इनको गिरफ्तार करने की कोशिश की थी. अचानक से चाजर्शीट जमा करने के बाद सीबीआइ आखिर इन लोगों को क्यों गिरफ्तार करना चाहती है. न्यायाधीश के इस सवाल का सीबीआइ पक्ष के वकील मोहम्मद असरफ अली ने कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब उनके वरिष्ठ वकील देंगे. 

मामले की सुनवाई के दौरान मृत मदन तामांग की पत्नी भारती तामांग के वकील अमितेष बनर्जी ने कहा कि उनके मुवक्किल को जान से मारने की धमकी दी जा रही है. इसके साथ ही मामले में गवाह देनेवालों को भी धमकाया जा रहा है. डिवीजन बेंच ने उनसे इस संबंध में विस्तृत जानकारी देने को कहा तो उन्होंने कहा कि उनके पास अभी संपूर्ण जानकारी नहीं है. अब इस संबंध में उनको 10 जुलाई तक विस्तृत जानकारी जमा करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी. गौरतलब है कि जब तक अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती है, तब तक मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाइकोर्ट ने रोक लगा रखी है.

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