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उफनती अलकनंदा में लकड़ियां निकालने के प्रयास में दो नेपाली व्यक्ति नदी में बहे

श्रीनगर गढ़वाल : बरसाती पानी से उफनती अलकनंदा नदी में बहकर आ रही लकड़ियों को नदी से निकालने के प्रयास में दो नेपाली मूल के व्यक्ति नदी की तेज धारा में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही श्रीनगर कोतवाल ने पुलिस आपदा टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर नदी में बहे दोनों लोगों की खोज शुरू कराई। समाचार लिखे जाने तक दोनों का पता नहीं चल पाया। नेपाल के दईलेक जिले के ठांठीखान थाने के अंतर्गत तोलीजोशी गांव के वार्ड नंबर दो का मूल निवासी 45 वर्षीय टीका सिंह पुत्र परमल बहादुर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ हनुमान मंदिर के समीप पिछले चार-पांच सालों से रहता है। 

शनिवार को अपराह्न लगभग दो बजे वह श्रीनगर के प्राचीन शारदा स्नान घाट के समीप अलकनंदा नदी में बहकर आ रही लकड़ियों को नदी से निकाल रहा था। उसकी पत्नी और बच्चे भी समीप ही थे। कुछ देर बाद अचानक ही वह नदी की तेज धारा में बहने लगा। इस पर उसकी पत्‍‌नी और बच्चों ने शोर मचाया। उसी समय घर पर खाना खाने पहुंचा उसका चचेरा भाई 17 वर्षीय पप्पू तुरंत भागकर नदी तट पर पहुंचा और नदी में बहते अपने भाई को बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा। देखते ही देखते दोनों भाई नदी की तेज धारा में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाल उत्तम सिंह ने घटना स्थल पर पहुंचकर राफ्ट से भी दोनों लापता की नदी में खोज कराई। पुलिस आपदा टीम के तैराकों ने भी तेज उफनती नदी में उन्हें ढूंढने का कार्य शुरू किया। टीका सिंह टम्टा मोहल्ले के एक टैंट हाउस में और पप्पू एक सब्जी की दुकान में कार्य करता था।

साभार : जागरण

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