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सेना ने सैनिकों से मैगी नूडल्स नहीं खाने को कहा, आर्मी कैंटीन में भी बैन

नई दिल्ली। मैगी को लेकर लगातार नई खबरें आ रही हैं। पूरे दिन चली बैठक और सफाई के बाद दिल्ली में भी मैगी पर 15 दिन के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बाद जिस तरह की रिपोर्ट आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं सेना ने परामर्श जारी कर सैनिकों से मैगी नूडल्स नहीं खाने को कहा है और साथ ही आर्मी कैंटीन को भी अगले आदेश तक मैगी नूडल्स की बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया गया है। उत्तराखंड सरकार ने भी मैगी को प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं पंजाब के लुधियाना में भी मैगी के एक गोदाम से 11 सैंपल लिए गए। इन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है। वहीं केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने बताया कि सरकार ने उचित कार्रवाई के लिये मैगी का मामला राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग के पास भेज दिया है।

मैगी के सुरक्षा मानकों से जुड़े विवाद के चलते नेस्ले इंडिया का शेयर में आज 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। दिल्ली सरकार के परीक्षण में मैगी नूडल्स का नमूना असुरक्षित पाया गया। राज्य सरकार ने अब नेस्ले इंडिया के खिलाफ मामला दायर करने का फैसला किया है। मुंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 10.10 प्रतिशत गिरकर 6,119.40 रुपये रह गया। जबकि एनएसई में यह 10.2 प्रतिशत गिरकर 6,109 रुपये रह गया।

नेस्ले के मिल्क पाउडर के नमूने में मिला जिंदा लारवा
मशहूर मैगी नूडल्स के सुरक्षा मानकों को लेकर कई राज्यों में मुश्किलों का सामना कर रहे नेस्ले इंडिया के लिए एक नई मुसीबत पैदा हो गई है। राज्य की एक एजेंसी द्वारा इनके मिल्क पाउडर के नमूने का प्रारंभिक परीक्षण करने पर इसमें कथित तौर पर जीवित लारवा (डिम्ब) पाया गया है। ड्रग एड़मिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (खाद्य सुरक्षा शाखा) ने एक कैब चालक द्वारा खरीदे गए एनएएन प्रो3 मिल्क पाउडर का परीक्षण किया। विभाग के एक खाद्य विश्लेषक की शुरूआती रिपोर्ट में इस नमूने में जिंदा लारवा पाए जाने की बात कही गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि रिपोर्ट में इसे उपभोग के लिहाज से असुरक्षित भी बताया गया क्योंकि इसमें जीवित कीड़े मौजूद थे। रिपोर्ट में इसे मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। चालक ने परीक्षण के लिए यह नमूना देते हुए दावा किया था कि यह दूध पीने के बाद उसके बच्चों की त्वचा पर एलर्जी हो गई। अधिकारी ने कहा कि वे सरकारी खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला से एक समग्र रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।

बिग बाजार और केंद्रीय भंडार में मैगी की बिक्री पर रोक
´नई दिल्ली। मैगी को लेकर उठे विवाद के मद्देनजर देश में खुदरा कारोबार की सबसे बड़ी श्रृंखला चलाने वाले फ्यूचर ग्रुप और सहकारी केंद्रीय भंडार ने अपने सभी स्टोरों में मैगी की बिक्री पर रोक लगा दी है। किशोर बियानी समूह का फ्यूचर ग्रुप बिग बाजार, नीलगिरीस और जीडे के नाम से रिटेल कारोबार में स्टोर चलाता है। कंपनी ने बताया कि उत्तर प्रदेश और केरल में मैगी बेचने पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया था और अब यह रोग उसके देश भर में फैले सभी स्टोरों पर लगा दी गई है। सहकारी केंद्रीय भंडार के योजना भवन स्थित स्टोर के प्रभारी कुबेर नेगी ने बताया कि मैगी नहीं बेचने के आदेश आने के बाद इसकी बिक्री बंद कर दी गई है।

इस बीच नेस्ले इंडिया के प्रतिनिधि संजय खजूरिया ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन से मिलकर कंपनी का पक्ष रखते हुए एक ज्ञापन देकर उसपर विचार करने का अनुरोध किया है। हालांकि दिल्ली सरकार के सूत्रों के अनुसार नेस्ले ने कहा है कि मीडिया में जो खबरें आ रही हैं, उन पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिये, क्योंकि वह गुमराह करने वाली हैं। सूत्रों का कहना था कि कंपनी ने कहा कि स्वास्थ्य और सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। फ्यूचर समूह ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों और स्वास्थ्य को लेकर उठे सवालों के बाद मैगी पर फिलहाल सभी स्टोरों पर रोक लगा दी गयी है। कंपनी ने कहा है कि आगे क्या कार्रवाई की जानी है, इसके लिए जांच कर रही संस्थाओं से और जानकारी मिलने के बाद फैसला किया जायेगा।

मैगी को लेकर सबसे पहले मामला उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सामने आया। राज्य के खाद्य एवं औषधि विभाग ने मैगी में सीसे की अधिक मात्रा पाये जाने के बाद इसके खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिये। इसके बाद पूरे देश में मैगी को लेकर सवाल खड़े किये गये। दिल्ली सरकार भी राजधानी में मैगी की बिक्री पर रोक लगाने के संबंध में आज कोई फैसला ले सकती है। गौरतलब है कि दिल्ली में भी मैगी के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। बीते दो दिनों में कई इलाकों से मैगी के 13 नमूने उठाए गए थे। इनकी जांच में साफ हुआ है कि सात नमूने आम लोगों के लिए असुरक्षित हैं, जबकि पांच नमूने ब्रांड के मानकों पर खरे नहीं उतरे। मैगी के नमूनों में लैड होने की रिपोर्ट के बाद दिल्ली में यह पहल की गई थी। वहीं, दिल्ली सरकार ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है। आज दिल्ली सरकार इसे बाजार से हटाने का निर्देश दे सकती है। इसके तहत मैगी पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई भी हो सकती है।

लैड की मात्रा ज्यादा पाई गई
खाद्य सुरक्षा आयुक्त के.के. जिंदल ने बताया कि जांच के लिए बाजारों में विशेष टीमें उतारी गई थीं। इन्होंने जो नमूने उठाए उनमें लैड, फैट और सोडियम क्लोराइड की मात्रा ज्यादा पाई गई है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मैगी के जो 7 नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, उनमें लैड की मात्रा बहुत अधिक है। अन्य पांच नमूनों की जांच में पता चला है कि पैकेट पर जो तय मात्रा बताई गई थी, उससे कम मात्रा में पदार्थ मौजूद थे।

कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब इस संबंध में अदालत में रिपोर्ट पेश की जाएगी। इस रिपोर्ट पर कोर्ट के आदेशों के मुताबिक आगे की कार्यवाही की जाएगी। इस मामले में कोर्ट सजा या जुर्माना संबंधित आदेश जारी कर सकता है।

केरल ने मैगी पर लगाया प्रतिबंध
कई राज्यों में नेस्ले के उत्पाद मैगी नूडल्स पर खतरा मंडरा रहा है। केरल ने मैगी नूडल्स की बिक्री पर पूरे राज्य में प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं पश्चिम बंगाल और कर्नाटक की सरकारें भी अपने यहां मैगी पर कार्रवाई की तैयारी में हैं। केरल सरकार ने नेस्ले को बाजार में मौजूद सारा स्टाक हटाने को कहा है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा संचालित आउटलेट से भी मैगी को तुरंत प्रभाव से हटाया जा रहा है। केरल के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने मंगलवार को जारी आदेश में सभी बिक्री केंद्रों से मैगी नूडल्स के बचे हुए स्टाक को हटाए जाने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही सरकार ने मैगी की कंपनी को राज्य के अपने गोदामों से मैगी के स्टाक को वापस लेने को कहा है। राज्य की फूड सेफ्टी कमिश्नर टीवी अनुपमा ने कहा कि हमने मैगी के अलग-अलग जगहों से रेंडम सैंपल लिए हैं जिनकी प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। मैगी में सीसे की मौजूदगी साबित हुई है, पर मोनो सोडियम ग्लूकोमेट की मौजूदगी को लेकर परिणाम का इंतजार है।

हरियाणा में नमूने लेने के आदेश
हरियाणा के बाजारों से मैगी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमने राज्य भर से मैगी नूडल्स के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाने का आदेश दिया है। विज ने राज्य के स्वास्थ्य निदेशक से कहा है कि वे सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाजार से सैंपल लेने के आदेश दें। विज ने कहा कि हमारे राज्य में भी जांच के लिए अच्छे लैब हैं। पर अगर जरूर हुई तो सैंपल को जांच के लिए बाहर भी भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई गई तो बाजार से मैगी का पूरा स्टाक उठवा लिया जाएगा।

बांग्लादेश में क्लीन चिट
बांग्लादेश के खाद्य प्राधिकरण ने नूडल्स के पांच ब्रांडों में कोई भी तत्व खतरे की सीमा से अधिक नहीं पाया है। इन पांच ब्रांडों में नेस्ले का मैगी भी शामिल है। बांग्लादेश मानक एवं परीक्षण संस्थान (बीएसटीआई) के प्रमाणन प्रकोष्ठ के निदेशक कमल प्रसाद दास ने कहा कि हमने मैगी समेत पांच कंपनियों के नूडल्स की जांच की है। उनमें कोई भी तत्व खतरनाक स्तर पर नहीं पाया। बीएसटीआई के सहायक निदेशक गुलाम बाकी ने पहले कहा था कि उत्पादों की नियमित जांच की जाती है, लेकिन भारत के यूपी में नेस्ले के नूडल्स में सीसे के खतरनाक स्तर से अधिक पाए जाने के बाद जांच शुरू की गई थी।

अमिताभ, माधुरी, प्रीति पर केस दर्ज करने का निर्देश
बिहार की एक अदालत ने मैगी के विज्ञापनों में नजर आने वाले अभिनेता अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इन कलाकारों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। मुजफ्फरपुर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामचंद्र प्रसाद ने काजी मोहम्मदपुर पुलिस थाने को तीनों कलाकारों और नेस्ले इंडिया के अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने और शिकायत की जांच का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह मैगी खाकर बीमार पड़ गया।


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