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दिवंगत कांस्टेबल रविन्द्र पाटिल की गवाही के बाद फंसे थे सलमान, भीख मांगने को था मजबूर

मुंबई। बहुचर्चित ‘हिट एंड रन मामले’ में कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दिया है। उन पर लगे सभी आरोप सही साबित हो गए हैं। इस मामले में कोर्ट ने उन्हें पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 25 हजार रू. का जुर्माना भी लगाया गया है। ये केस तो सुर्खियों में है, लेकिन इससे जुड़े लोगों पर किसी का ध्यान नहीं गया। इन्ही में से एक थें कॉन्सटेबल रवींद्र पाटिल।

‘हिट एंड रन’ मामले में प्रमुख गवाह था रवींद्र पाटिल
किसी को याद नहीं होगा कि रवींद्र पाटिल सलमान खान से जुड़े ‘हिट एंड रन’ मामले में एक प्रमुख गवाह था। यही वो शख्स था, जो इस केस के बारे में सब कुछ जानता था। इस केस के चश्मदीद गवाह रहे रवींद्र पाटिल आज इस दुनिया में नहीं है। सवाल है कि वो कैसे मरा और उसकी मौत के पीछे की खास वजह क्या थी ? हम आपको बताने जा रहे हैं इसकी पूरी कहानी।

सड़कों पर भीख मांगने पर मजबूर हो गया था रवींद्र
सूत्रों के मुताबिक, परिवार से अलग होने के बाद रवींद्र अचानक घर से लापता हो गया था। 2007 में वह सेवरी म्युनिसिपल अस्पताल से मिला। अस्पताल आने से पहले उसे सड़कों पर भीख मांगते देखा गया था। भीख में मिले पैसों से दिन-रात शराब पीता था। इसी वजह से उनको टीबी हो गई। कमजोरी की वजह से उस पर दवाओं का असर नहीं हुआ और आखिरकार उसने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।

आखिरी सांस तक नहीं बदला बयान

जो लोग रवींद्र पाटिल को जानते थे वो इस बात से सहमत थे कि उस पर बयान बदलने को लेकर बहुत ज्यादा प्रेशर था। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई लोगों ने उस पर स्टेटमेंट बदलने के लिए दवाब डाला, ताकि सलमान खान जेल जाने से बच सके। लेकिन उसने अपनी आखिरी सांस तक बयान नहीं बदला। वहीं, रवींद्र को बयान बदलने के लिए लालच और धमकी भी दी गई। यहां तक कि पुलिस ने उसके परिवार को काफी परेशान भी किया।

- भास्कर

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