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28 मई 2008 के ही दिन नेपाल में 240 साल पुरानी राजशाही का हुआ अंत

ठीक सात साल पहले 28 मई के दिन नेपाल में 240 सालों से चली आ रही राजशाही का अंत हुआ। करीब दस साल तक चले गृहयुद्ध के बाद देश में शाह राजवंश के हाथों से देश की सत्ता छूट गयी। इसके बाद से माओवादी हथियार छोड़ देश की राजनीति में उतर आए। 28 मई 2008 को ही नेपाल के वामपंथी दल को चुनाव में जीत मिली।  तब तत्कालीन नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र को अपदस्थ कर देश को गणतंत्र घोषित कर दिया।  देश में दोबारा शांति स्थापित करने के प्रयास शुरू हुए।  तब से अब तक देश में संविधान बनाने की कोशिश की जा रही है।  पिछले पांच साल से संविधान सभा इस काम में तो लगी है, लेकिन अब तक संविधान तैयार नहीं किया जा सका है।  नेपाल के लोग चाहते हैं कि देश गणराज्य बनने के साथ साथ धर्म निरपेक्ष भी बने।  नेपाल की 80 प्रतिशत से ज्यादा आबादी हिन्दू है। नेपाल के राजा को परंपरागत रूप से श्री 5 महाराजाधिराज और उसकी रानी को श्री 5 बडामहारानी के नाम से जाना जाता था। संविधान सभा ने 28 मई 08 को राजशाही को समाप्त कर दिया।

राजाओं के नेपाल की सूची (1768-2008)

(शाह वंश)

- पृथ्वी नारायण शाह (25 सितम्बर 1768-11 जनवरी 1775) (शासक Gurkha से 1743)
- प्रताप सिंह शाह (11 जनवरी 1775-17 नवम्बर 1777)
- रन बहादुर शाह (17 नवम्बर 1777-8 मार्च 1799)
- गिर्वाण युद्ध बिक्रम शाह (8 मार्च 1799—20 नवम्बर 1816)
- राजेन्द्र बिक्रम शाह (20 नवम्बर 1816-12 मई 1847)
- सुरेन्द्र बिक्रम शाह (12 मई 1847-17 मई 1881)
- पृथ्वी बीर बिक्रम शाह (17 मई 1881-11 दिसम्बर 1911)
- त्रिभुवन बीर बिक्रम शाह (1 शासनकाल) (11 दिसम्बर 1911-7 नवम्बर 1950) (भारत में निर्वासन 7 नवम्बर 1950 से 7 जनवरी 1951 तक)
 -  ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह देव (1 शासनकाल) (7 नवम्बर 1950—7 जनवरी 1951)
 -  त्रिभुवन बीर बिक्रम शाह (2 शासनकाल) (7 जनवरी 1951—13 मार्च 1955)
 -  महेंद्र बीर बिक्रम शाह (14 मार्च 1955—31 जनवरी 1972)
 -  बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह देव (31 जनवरी 1972—1 जून 2001)
 -  दीपेंद्र बीर बिक्रम शाह देव (1 जून 2001—4 जून 2001) (तीन दिन, अक्षम)
-   ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह देव (2 शासनकाल) (4 जून 2001—28 मई 2008)



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