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ISI ने की थी रक्षा मंत्रालय में जासूसी, रिकॉर्ड की थी रक्षा मंत्री एंटनी की बातचीत

नई दिल्ली. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) द्वारा रक्षा मंत्रालय में जासूसी कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पिछले साल फरवरी महीने में भारतीय सेना के मूवमेंट्स प्लान की जानकारी ISI को लीक की गई थी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पिछले साल रक्षामंत्री एके एंटनी और उस वक्त सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह के बीच बातचीत के बारे में सबकुछ जानती थी।जानकारी के मुताबिक 15 फरवरी 2014 में जनरल सिंह ने मंत्री एंटनी के साथ सुबह 11 बजे एक घंटे तक बातचीत की थी, जिस दौरान सेना के मूवमेंट पर चर्चा हुई थी। यह बातचीत एंटनी के रूम में हुई थी। भारतीय सेना राजस्थान और जम्मू-कश्मीर सीमा इलाकों में अपने मूवमेंट की योजना बना रही थीं। 
 
क्या सूचनाएं हुईं थीं लीक
- 15 फरवरी 2014 को 15 बजे दोपहर सेना प्रमुख ने डीजीएमओ प्रमुख को सेना के पुनः तैनाती की योजना के बारे में बताया था।
 
- कुछ घंटे बाद ही सीमापार पाकिस्तानी सेना ने भी काउंटर के लिए अपने सैनिकों की तैनाती शुरू कर दी थी।
 
- सेना के खुफिया एजेंसियों ने उसी वक्त डीजीएमओ को बताया था कि पाकिस्तान भी सैनिकों की तैनाती की रणनीति बना रहा है। 
 
- पाकिस्तान द्वारा काउंटर के लिए सैनिकों की तैनाती किए जाने की सूचना से सेना में हलचल मच गई थी। 
 
- सेना प्रमुख ने सूचना लीक होने की जानकारी तुरंत रक्षामंत्री एंटनी को दी थी, एंटनी ने इस संबंध में पीएम को विस्तार से बताया था।

डीजीएमओ वार रूम खुद गए थे पूर्व पीएम मनमोहन

कहा जा रहा है कि सूचनाएं लीक होने की जानकारी के बाद सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के लिए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह स्वयं डीजीएमओ वार रूम गए थे। उन्होंने वहां सेना के अधिकारियों से इस संबंध में बात की थी।
 
- उसी दौरान पता चला था कि सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी सूचनाएं लीक कर रहा था, जिसने आईएसआई को ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी थी। 
 
- इस घटना के बाद सेना ने कोर्ट मार्शल कर उक्त डीजीएमओ अधिकारी को निकाल दिया था।
 
- इस घटना के बाद साउथ ब्लॉक में मंत्रालय के ऑफिस में सीसीटीवी लगाने की शुरुआत हुई थी। 
 
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