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विश्व कप : भारत हारा, फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला न्यूजीलैंड से

सिडनी : भारतीय क्रिकेट टीम ने सिडनी में क्रिकेट विश्वकप के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 329 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 233 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया 95 रनों से भारत को हराकर फाइनल में पहुंच गया है। अब उसका मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा। पहला विकेट शिखर धवन का गिरा। धवन 45 रन बनाकर जोश हेजलवुड की गेंद पर मैक्सवेल को कैच दे बैठे। विराट कोहली एक रन बनाकर मिशेल जॉनसन की गेंद पर कैच आउट हुए। रोहित शर्मा 34 रन बनाकर मिशेल जॉनसन की गेंद पर बोल्ड हो गए। सुरेश रैना 7 रन बनाकर फॉकनर की गेंद पर आउट हुए। अजिंक्य रहाणे 44 रन बनाकर मिशेल स्टार्क की गेंद पर आउट हुए। रहाणे ने धौनी के साथ मिलकर 70 रनों की साझेदारी की। रहाणे ने 68 गेंदों में दो चौके लगाए। रवींद्र जडेजा 16 रन बनाकर रन आउट हो गए। 

कप्तान महेंद्र सिंह धौनी 65 रन बनाकर रन आउट हो गए। आर.अश्विन 5 रन बनाकर फॉकनर की गेंद पर बोल्ड हो गए। मोहित शर्मा बिना खाता खोले फॉकनर की गेंद पर बोल्ड हो गए। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों में जेम्स फॉकनर ने तीन, मिशेल जॉनसन और मिशेल स्टार्क ने दो जबकि जोश हेजलवुड को एक विकेट मिला। इससे पहले स्टीवन स्मिथ (105 रन) और ऐरन फिंच (81) के बीच दूसरे विकेट के लिये 182 रन की बड़ी साझेदारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने कसी हुई गेंदबाजी और अच्छे क्षेत्ररक्षण के बावजूद भारत के खिलाफ गुरुवार को विश्वकप सेमीफाइनल में सात विकेट के नुकसान पर 328 रन का मजबूत स्कोर बना लिया। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय किया और 50 ओवरों में सात विकेट पर सह 328 रन का मजबूत स्कोर बनाया। टेस्ट कप्तान स्टीवन स्मिथ एक बार फिर अहम साबित हुये और उन्होंने 105 रन की शतकी पारी खेलकर टीम को लड़ने लायक स्थिति में पहुंचाया जबकि ओपनर ऐरन फिंच ने 81 रन की पारी खेली और टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। 

दूसरे विकेट के लिये फिंच और स्मिथ ने 182 रन की बेहतरीन साझेदारी निभाई। विश्वकप नॉकआउट में यह दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले वर्ष 1999 में पाकिस्तान के सईद अनवर और वाजुल्लाह वास्ती ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 194 रन की सबसे बड़ी साझेदारी की थी। भारत ने शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रन बनाने से कुछ रोका लेकिन आखिरी ओवरों में शेन वॉटसन ने ताबड़तोड़ 28 रन बटोरे। वॉटसन को हालांकि गेंदबाजों ने फिर देर तक नहीं टिकने दिया और 47वें ओवर में मोहित ने अजिंक्या रहाणे के हाथों बाउंड्री के पास कैच कराकर पवेलियन भेज दिया। इसके बाद मिशेल जॉनसन मैदान पर आये और उन्होंने केवल नौ गेंदों में नाबाद 27 रन बना डाले। उन्होंने लगातार तीन चौके लगाये। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में कसी हुई गेंदबाजी से एक समय 34 ओवर तक ऑस्ट्रेलिया को 200 के अंदर रखा लेकिन फिर आखिरी नौ ओवरों में 74 रन पड़ गये जो भारत को काफी महंगा पड़ा। 

भारत की ओर से उमेश यादव ने नौ ओवरों में 72 रन देकर चार विकेट लिये। विश्वकप नॉकआउट में वह चार विकेट निकालने वाले पहले गेंदबाज है। लेकिन उनकी गेंदबाजी कुछ महंगी रही। मोहित शर्मा ने 10 ओवरों में 75 रन देकर दो विकेट और रविचंद्रन अश्विन ने 10 ओवरों में 42 रन पर एक विकेट लिया। मैच में सिडनी की पिच की अहम भूमिका मानी जा रही थी और सुबह यह बल्लेबाजी पिच दिखाई दी लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को शुरुआत में यहां रन बटोरने में कुछ परेशानी जरूर हुई। लेकिन स्मिथ और फिंच ने टिक्कर रन बटोरे और टीम को बेहतर स्थिति में पहुंचाया। फिंच ने 116 गेंदों में सात चौके और एक छक्का लगाकर 81 रन जबकि स्मथ ने 93 गेंदों में 11 चौके और दो छक्के लगाकर 105 रन की पारी खेली। उन्होंने 89 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह उनके वनडे करियर का चौथा शतक है। 

भारत को जहां पहली कामयाबी केवल 15 के स्कोर पर डेविड वॉर्नर (12) के रूप में मिली वहीं दूसरा विकेट निकालने में उसे काफी इंतजार करना पड़ा और 34वें ओवर में जाकर उमेश ने स्मिथ को रोहित शर्मा के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेजा और फिंच के साथ उनकी रिकॉर्ड साझेदारी पर ब्रेक लगाया। भारत ने मध्य ओवरों में मैच में वापसी की और अच्छे इकोनोमी रेट से रन दिये लेकिन आखिरी 10 ओवरों में मैच का रूख बदल गया और नौंवें नंबर पर खेलने उतरे जॉनसन ने 300 के स्ट्राइक रेट से केवल नौ गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाकर नाबाद 27 रन बनाये। ब्रैड हैडिन और जॉनसन ने मिलकर आठवें विकेट के लिये केवल 20.1 ओवर में 30 रन की बेहद उपयोगी अविजित साझेदारी निभाई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ग्लेन मैक्सवेल ने 23 रन, शेन वॉटसन ने 28, कप्तान माइकल क्लार्क ने 10 और जेम्स फॉकनर ने 21 रन बनाकर स्कोर 300 के पार पहुंचाने में मदद की।















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