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जम्मू-कश्मीर : कठुआ में आतंकवादियों ने पुलिस थाने पर हमला, 6 की मौत

जम्मू | जम्मू एवं कश्मीर में जम्मू क्षेत्र के कठुआ जिले में दो आतंकवादियों ने शुक्रवार सुबह एक पुलिस थाने पर हमला कर दिया, जिसमें तीन सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए और एक नागरिक की जान चली गई तथा 10 अन्य घायल हो गए। पुलिस के साथ मुठभेड़ में दोनों आतंकवादी भी मारे गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आतकंवादियों ने सबसे पहले राजबाग पुलिस थाने के मुख्य द्वार पर तैनात गार्ड को गोली मार दी और सात घंटे तक चली मुठभेड़ में वे भी मारे गए। सेना की वर्दी में आए आतंकवादी स्वचालित हथियारों और हथगोलों से लैस थे तथा उन्होंने सुबह करीब छह बजे अचानक हमला शुरू किया। थाना परिसर में घुसने के बाद उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक इमारत में गोलीबारी की, जहां दो लोगों की मौत हो गई।

एक अन्य नागरिक की मौत हो गई, लेकिन उसकी मौत की परिस्थितियों का पता नहीं चल पाया है। 10 अन्य हमले में घायल हुए हैं, इनमें अधिकांश सुरक्षाकर्मी थे। पुलिस महानिरीक्षक दानिश राणा ने दो आतंकवादियों को मारे जाने की पुष्टि की है। अन्य मृतकों में एक पुलिसकर्मी, दो सीआरपीएफ के जवान और एक आम नागरिक हैं।  राणा  ने बताया कि घायलों में सीआरपीएफ के सात जवान, एक पुलिस उपाध्यक्ष, एक पुलिस कांस्टेबल और एक आम नागरिक शामिल हैं। पुलिस उपाध्यक्ष की पहचान दिवाकर सिंह के रूप में हुई है, जिनके कंधे पर गोली लगी है। घायलों को जम्मू उपचार के लिए भेजा गया है। पुलिस, अर्धसैनिक बल और सैनिकों को घटनास्थल पर फौरन भेजा गया, लेकिन सीआरपीएफ के कई कर्मियों के इमारत में फंसे होने के कारण उन्हें सावधानी बरतनी पड़ी। सुरक्षाबलों के सुरक्षा घेरे के कारण फंसे हुए जवान बाहर निकलने में सफल रहे। अपराह्न करीब 1.30 बजे मुठभेड़ समाप्त हुई तथा दो आतंकवादी मारे गए और इमारत को खाली कराया गया। एक अधिकारी ने बताया, “इमारत में अन्य आतंकवादी छुपे हैं या नहीं सुनिश्चित करने के लिए तलाशी जारी है।

यह पुलिस स्टेशन जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाकिस्तान सीमा से करीब 15 किलोमीटर दूर है। घटना के बाद इस राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। कठुआ जिले के सभी स्कूलों को तत्काल बंद कर दिया गया। जिले में पूर्व निर्धारित परीक्षा को भी स्थगित कर दिया गया। खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “हमलावरों ने संभवत: हाल ही में सीमा पार किया है। ” भारतीय जनता पार्टी(भाजपा)-पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) गठबंधन के एक मार्च को सरकार बनाने के बाद राज्य में यह पहला आतंकवादी हमला है। हमले का असर विधानसभा में भी देखा गया। उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने इस संबंध में सदन में बयान जारी किया। इधर, लोकसभा में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हम आतंकवादी हमले में मारे गए पुलिस अधिकारियों और आम नागरिक के परिवार के प्रति संवेदना जाहिर करते हैं।” कठुआ जिले में इससे पहले 26 सितंबर, 2013 को हीरानगर पुलिस स्टेशन पर आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें 12 लोगों की जान चली गई थी। बाद में आतंकवादी जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेना के एक शिविर में घुस गए थे।
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