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'सिक्किम विंटर कार्निवल' : पर्यटन विभाग पेश कर रहा है राज्य की गलत तस्वीर

दीपक राई
वीर गोरखा न्यूज़ नेटवर्क
गंगटोक/ भोपाल : 
भारत में रहने वाले लाखों गोरखा लोगो के लिए सिक्किम जैसे राज्य से असीम स्नेह बना रहता है। ऐसा वजह यहाँ पर सदियों से रहने वाले गोरखा लोगो का होना है। भारत में यही एकमात्र राज्य जहां से गोरखा मूल के लोग सबसे बड़े मुख्यमंत्री पद तक आसीन हुए। वर्तमान में भी गोरखा मूल के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग कार्यरत है। लेकिन इसी सिक्किम राज्य सरकार का पर्यटन विभाग आने वाले 14 दिसंबर से 19 दिसंबर तक होने वाले ' सिक्किम विंटर कार्निवल ' के आयोजन के लिए जो बैनर शहर भर में लगाए जा रहे है, उसमें सिक्किम की गौरव व गोरखा मूल की हिन्दी सिने तारिका गीतांजली थापा की जो तस्वीर चस्पाई गयी है वह बेहद नागवार प्रतीत हो रही है। 

गौरतलब है कि इस बड़े आयोजन के लिए गीतांजली को ब्राण्ड एम्बैसडर बनाया गया है। सिक्किम जैसे राज्य जहां की संस्कृति बेहद समृद्ध मानी जाती है वहां का पर्यटन विभाग सर्दी के अवसर में आयोजित इस कार्निवल के लिए सिक्किम की गलत छवि पेश कर रहे है। यहाँ पर रहने वाले अनेक जाति एवं धर्म के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। आखिर पर्यटन विभाग सिक्किम के मूल संस्कृति के इतर ठण्ड के मौसम में गीतांजली के 'हॉट' तस्वीर से क्या हासिल करना चाहती है ? इससे ज़्यादा अच्छा तो इस 'हॉट' तस्वीर की जगह गीतांजली को सिकिम के पारम्परिक परिधान में दिखाया जाता तो अधिक तर्कसंगत होता। इस गलत प्रचार से सिक्किम की छवि में पर्यटन विभाग के द्वारा जाने-अनजाने दुनियाभर में अलग ही नज़र आ रही है।

देखिए ये फिजूल की चर्चा है कि हमारे राज्य की बेटी गीतांजली थापा को लेकर। उनके पारम्परिक वेशभूषा ना पहनने पर सवाल खड़े करने का कोई औचित्य ही नहीं है। गीतांजली थापा ने हमारे राज्य का सम्मान बढ़ाया है और हमें भी उनका सम्मान करना होगा। 

                                         - अवंतिका राई , सोशल मीडिया प्रभारी , पर्यटन विभाग, सिक्किम शासन 

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