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श्याओमी स्मार्टफोन्स को भारतीय वायु सेना ने बताया सुरक्षा के लिए खतरा

नई दिल्ली। भारत में सेकंडों में बिक जाने वाले श्याओमी स्मार्टफोन्स को भारतीय वायु सेना ने सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। भारतीय वायु सेना ने कहा है कि श्याओमी स्मार्टफोन्स पर यूज़र डेटा को चीन के सर्वर में भेजने के आरोप लगते रहे हैं, जिससे कि इसकी वजह से जासूसी हो सकती है। सेना ने अपने अधिकारियों को एक अलर्ट जारी करके श्याओमी स्मार्टफोन्स इस्तेमाल न करने के लिए कहा है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस अलर्ट की सख्ती की रेटिंग 'मीडियम' है, जिसे काफी गंभीर माना जाता है। श्याओमी ताइवान में भी कुछ ऐसे ही आरोपों में जांच का सामना कर रही है और ताइवान सरकार उस पर बैन लगा सकती है। भारतीय वायु सेना ने अपने नोट में कहा है, 'प्रमुख सिक्यॉरिटी सलूशन कंपनी एफ-सिक्यॉर ने हाल ही में श्याओमी रेडमी 1S पर टेस्ट किया था। 

टेस्ट में यह पाया गया कि यह फोन टेलिकॉम कंपनी का नाम, फोन नंबर, IMEI नंबर, कॉन्टैक्ट्स और मेसेज पेइचिंग भेजता है।' नोट में आगे कहा गया है, 'हॉन्ग कॉन्ग के एक यूज़र ने दावा किया है कि रेडमी नोट स्मार्टफोन चीन के एक आईपी अड्रेस से अपने आप कनेक्ट हो जाता है और फोन के फोटो व SMS भेजता है।' चीन की सरकार पर आरोप लगाते हुए इसमें कहा गया है, 'फोनअरीना की एक रिपोर्ट के मुताबिक 42.62.48.0-42.62.48.255 के बीच आने वाले कंपनी की वेबसाइट वाले आईपी अड्रेस की मालिक www.cnnic.cn है। CNNIC चीन में मिनिस्ट्री ऑफ इन्फर्मेशन इंडस्ट्री के तहत इंटरनेट के मामले देखती है।' 

श्याओमी से इस बारे में प्रतिक्रिया मांगने पर कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि संबंधित जानकारी के उपलब्ध होने पर वह जवाब देंगे। श्याओमी इंडिया कस्टमर केयर ने जवाब दिया, 'आपका ईमेल संबंधित लोगों तक भेज दिया गया है। संबंधित जानकारी आने पर जवाब दिया जाएगा।' हालांकि यह पहला मौका नहीं है, जब सेना ने ऐसे कदम उठाए हैं। भारतीय सेना इससे पहले चीन के मोबाइल ऐप्स को लेकर सिक्यॉरिटी अलर्ट जारी कर चुकी है। सेना ने कहा था, 'कुछ ऐप्स का लोकेशन शेयरिंग फीचर गलत कामों के लिए इस्तेमाल हो सकता है। इससे रक्षा, रिसर्च और सरकारी क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को ट्रैक किया जा सकता है।'

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