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चिकित्सा में ओ'कीफ और मोजर दंपती को मिला नोबेल पुरस्कार 2014

स्टॉकहोम। नोबेल पुरस्कार 2014 की घोषणा सोमवार से शुरू हो गई है। इस कड़ी में सबसे पहले चिकित्सा में ब्रिटेन के जॉन ओ'कीफ और नार्वे के पति-पत्नी की जोड़ी मै-ब्रिट मोजर और एडवर्ड मोजर को मिला है। उन्हें मानव शरीर के जीपीएस सिस्टम की खोज के लिए इस पुरस्कार के लिए नवाजा गया है। इस पुरस्कार के लिए 263 वैज्ञानिक नामित थे। लेकिन इंसान के नेविगेशन सिस्टम पर अनोखा काम करने के लिए इन तीनों वैज्ञानिकों को सर्वोच्च पुरस्कार से नवाजा गया। 

1970 में यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के जॉन ओ'कीफ ने ब्रेन में प्लेस सेल्स की खोज की थी, जो खास हिस्सों पर रजिस्टर्ड होते हैं। 2005 में नार्वे की दंपती मोजर ने ग्रिड सेल्स की खोज की। यह एक नेविगेशन सिस्टम है, जो जानवरों को बताता है कि वे कहां हैं, किधर जा रहे हैं और उन्हें कहां होना चाहिए। मोजर दंपती ट्रांडियाम स्थित नार्वे यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर हैं। नोबेल कमेटी ने बताया कि ओ'कीफ और मोजर दंपती की खोज ने उस समस्या का हल ढ़ूंढ निकाला है, जिस पर हजारों सालों से दार्शनिक और वैज्ञानिकों का कब्जा था। ब्रेन कैसे हमारे आसपास के माहौल से खांका तैयार करता है? हम कैसे इस जटिल वातावरण की सहारे अपने रास्ते का पता लगाते हैं?

जॉन ओ'कीफ : अमेरिकी न्यूयॉर्क शहर में 1939 को जन्में ओ'कीफ के पास अमेरिका और ब्रिटेन की नागरिकता है। उन्होंने 1967 में कनाडा के मैकग्रिल यूनिवर्सिटी से फिजियोलॉजिकल साइकोलॉजी में डॉक्टरेट की डिग्री पाई। इसके बाद वे यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन में पोस्ट डॉक्टरल की ट्रेनिंग के लिए इंग्लैंड आ गए। 1987 तक वे यहां न्यूरोसाइंस के प्रोफेसर नियुक्त किए गए। वर्तमान में वे यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में सेंसब्युरी वेलकम सेंटर इन न्यूरल सर्किट एंड बिहेवियर के डायरेक्टर हैं। आने वाले दिनों में अन्य श्रेणियों में पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की जाएगी। मंगलवार को स्टॉकहोम में रसायन विज्ञान और बुधवार को भौतिकी में नोबेल समिति का निर्णय घोषित किया जाएगा।गुरुवार को नार्वे की राजधानी ओस्लो में नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता का नाम घोषित किया जायेगा। 1968 में स्वीडन के बैंक द्वारा स्थापित अर्थशास्त्र में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार का विजेता 13 अक्टूबर को तय किया जाएगा।
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