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सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता सलमान से कहा, देश का कानून सबके लिए समान

नई दिल्ली। काले हिरण के शिकार मामले में दोषी करार अभिनेता सलमान खान की दोषसिद्धि पर रोक के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है। न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह टिप्पणी राजस्थान सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान की। सलमान खान को काले हिरण के शिकार मामले में निचली अदालत ने पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। सजा के खिलाफ सलमान की अपील राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। हाई कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए सजा पर अंतरिम रोक लगा दी थी। बाद में गत जुलाई में हाई कोर्ट ने सलमान की दोषसिद्धि पर भी रोक लगा दी थी। राजस्थान सरकार ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सलमान के वकील से कहा कि आप स्टार हैं। इसलिए आपकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी जाए? कानून सबके लिए समान है।

सलमान के वकील ने कहा कि इंग्लैंड में कानून है कि दो वर्ष से ज्यादा की सजा पाए व्यक्ति को वीजा नहीं दिया जाता। उन्हें फिल्म की शूटिंग के लिए इंग्लैंड जाना था। इसलिए उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाई गई है। वकील का यह भी कहना था कि सलमान ने कभी विशेष सुविधा की मांग नहीं की है। हालांकि, उन्होंने नवजोत सिद्धू के मामले का हवाला जरूर दिया, जिसमें कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाई थी। इन दलीलों पर कोर्ट ने कहा कि ऐसे तो आरोपी कहेगा कि विदेश जाना है। तो क्या उसकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी जाएगी? दोषसिद्धि पर रोक लगने का मतलब है कि आप दोषी नहीं हैं और सारे रिकार्ड का फिर से आकलन होना है। पीठ ने कहा कि हम अपने देश के कानून से चलेंगे। दूसरे देश से नहीं। हालांकि, कोर्ट ने इस बाबत कोई आदेश नहीं दिया और राजस्थान सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तिथि तय कर दी।

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