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नेपाली संसद को संबोधित करने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे मोदी

नयी दिल्‍ली : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिवसीय नेपाल यात्रा पर हैं. मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे जिन्‍हें नेपाल संसद को संबोधित करने का अवसर मिला है. मालूम हो कि 17 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत के प्रधानमंत्री आधिकारिक यात्रा पर नेपाल जा रहे हैं. इससे पहले 1997 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल नेपाल दौरे पर गये थे. पिछले 17 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी. मोदी ने एक और ट्वीट कर कहा कि ‘‘मेरे लिए नेपाल यात्रा का एक महत्व यह भी है कि मुझे सावन के सोमवार के अवसर पर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा. 

* 23 वर्ष के बाद भारत नेपाल संयुक्त आयोग की बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेपाल यात्रा से पहले भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज तीन दिवसीय नेपाल यात्रा से लोटी हैं. सुषमा नेपाल में संयुक्‍त आयोग की बैठक में हिस्‍सा लेने गयीं थीं. देखा जाए तो 23 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत नेपाल के साथ संयुक्‍त आयोग की बैठक में हिस्‍सा लिया है.

* कोसी विवाद पर हो सकती है चर्चा
प्रधानमंत्री और नेपाल के प्रधानमंत्री के बीच कोसी को लेकर चर्चा हो सकती है. इधर मोदी की यात्रा के पहले ही कोसी में नेपाल प्रशासन ने तीन विस्‍फोट किये. जिससे भारत के कुछ राज्‍यों में बाढ़ की आशंका बढ़ गयी है. कुछ राज्‍यों खास कर बिहार के कुछ जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. गौरतलब हो कि नेपाल के सिंधु पाल चौक जिले में खैदी चौर के पास हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण भोट कोसी नदी में भारी मात्र में पानी रुकने से बिहार की कोसी नदी में फिर प्रलय की आशंका पैदा हो गयी है. भोट कोसी में उफान से काठमांडू व खैदी चौर इलाके को बचाने के लिए नेपाल प्रशासन ने शनिवार को तीन विस्फोट किये. विस्फोट के बाद कोसी की तेज धारा सुपौल, पूर्णिया, खगड़िया, मधेपुरा, मधुबनी की ओर तेजी से बढ़ना शुरू कर दिया है. आशंका है कि शनिवार की देर रात तक करीब दस लाख क्यूसेक से अधिक पानी राज्य की नदियों में प्रवेश कर जायेगा.

- मोदी का कार्यक्रम

* नेपाल के पीएम सुशील कोइराला से वार्ता
* संविधान सभा को करेंगे संबोधित
* नेपाल के व्यापार समुदाय की बैठक को करेंगे संबोधित
* पशुपतिनाथ मंदिर की विशेष पूजा में लेंगे हिस्सा
* विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात
- इन मुद्दों पर बात !
* बिजली व संस्कृति के क्षेत्र में कर सकते हैं समझौते
* भारत आर्थिक सहायता की कर सकता है घोषणा
* रक्षा, सुरक्षा, प्रशिक्षण, अभ्यास और कनेक्टिविटी क्षेत्रों में बढ़ावा
* नदियों के प्रबंधन, बाढ़ आंकड़ों के आदान-प्रदान पर चर्चा संभव

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