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वीके सिंह ने एंटनी को दी थी रिश्वत की पेशकश की जानकारी : सीबीआई

नई दिल्ली : सीबीआई ने एक स्थानीय अदालत को बताया है कि पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी ने 'स्वीकार' किया है कि तत्कालीन थलसेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने 1193.04 करोड़ रुपये की लागत से 1,676 टाट्रा ट्रकों की खरीद की फाइल मंजूर करने के लिए उन्हें लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) तेजिंदर सिंह द्वारा की गई की रिश्वत की कथित पेशकश के बारे में बताया था। पूर्व थलसेना प्रमुख और अब केंद्रीय मंत्री वीके सिंह को रिश्वत के तौर पर 14 करोड़ रुपये की पेशकश करने के आरोपी लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) तेजिंदर सिंह के खिलाफ दाखिल आरोप-पत्र में सीबीआई ने यह बात कही है। वीके सिंह पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री का पद भी संभाल रहे हैं। सीबीआई ने अपने आरोप-पत्र में दावा किया, 'रक्षामंत्री एके एंटनी ने 27 मार्च 2012 को संसद में और जांच के दौरान सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दिए गए अपने बयान में इस बात की पुष्टि की थी कि जनरल वीके सिंह ने उन्हें एक-डेढ़ साल पहले लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) तेजिंदर सिंह द्वारा की गई रिश्वत की ऐसी पेशकश के बारे में बताया था।' 

नौ पन्नों के आरोप-पत्र में सीबीआई ने कहा, 'जांच के दौरान एके एंटनी ने स्वीकार किया कि टाट्रा ट्रकों की खरीद की फाइल मंजूर करने के लिए लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) तेजिंदर सिंह द्वारा जनरल वीके सिंह को की गई रिश्वत की पेशकश के बारे में उन्हें वीके सिंह ने बताया था।' तेजिंदर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 12 के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। सीबीआई ने इस मामले में एंटनी, प्रधानमंत्री के तत्कालीन सलाहकार टीकेए नायर और वीके सिंह से पूछताछ की थी। एजेंसी ने आरोप-पत्र के साथ 18 दस्तावेजों का एक सेट भी दाखिल किया है। सीबीआई ने यह भी कहा कि वीके सिंह के मुताबिक, जब उन्होंने तेजिंदर सिंह द्वारा की गई रिश्वत की कथित पेशकश की घटना के बारे में बताया था तो तत्कालीन रक्षामंत्री ने इस पर 'आश्चर्य जाहिर किया' था। 

आरोप-पत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान पूर्व थलसेना प्रमुख ने दावा किया था कि उन्होंने 22 सितंबर 2010 को अपने और तेजिंदर सिंह के बीच हुई कथित बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी पर 'कोशिशों के बावजूद उन्होंने (वीके सिंह ने) रिकॉर्डिंग मुहैया नहीं कराई।' सीबीआई ने कहा कि वीके सिंह ने कहा था कि 22 सितंबर 2010 को उनके यहां के दफ्तर में एक मुलाकात के दौरान तेजिंदर सिंह ने उन्हें कथित तौर पर 14 करोड़ रुपये रिश्वत की पेशकश की ताकि वह अक्तूबर के पहले हफ्ते तक टाट्रा ट्रकों की खरीद की फाइल मंजूर कर लें। सीबीआई ने यह दावा भी किया कि कथित रिश्वत की पेशकश से पहले तेजिंदर सिंह और वीके सिंह के 'कामकाजी रिश्ते बहुत अच्छे थे।' अदालत ने सीबीआई के आरोप-पत्र पर विचार के लिए 16 अगस्त की तारीख तय कर दी है।
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