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सुभाष घीसिंग के जीएनएलएफ ने बाइचुंग भूटिया को दिया समर्थन

दार्जिलिंग।  जीएनएलएफ ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी बाइचुंग भूटिया को समर्थन देने की घोषणा की। गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) के अध्यक्ष सुभाष घीसिंग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि बाइचुंग पर्वतीय क्षेत्र के निवासी हैं। हम उन्हें समर्थन देंगे। 17 अप्रैल को होने वाले मतदान में भूटिया का गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) समर्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी सुरिंदर सिंह आहलुवालिया और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) प्रत्याशी सुमन पाठक के साथ कड़ा मुकाबला हो रहा है।पृथक गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर 1980 के दशक में जीएनएलएफ ने हिंसक आंदोलन की शुरुआत की थी। इसी आंदोलन के परिणामस्वरूप 1988 में अर्ध स्वायत्तशासी विकास निकाय दार्जिलिंग गोरखा पर्वतीय परिषद (डीजीएचसी) का गठन हुआ था।

घीसिंग दो दशकों तक डीजीएचसी के अध्यक्ष रहे। 2007 में उनके विश्वासपात्र बिमल गुरुंग के अलग होकर जीएनएलएफ का गठन कर लिया और घीसिंग का पर्वतीय क्षेत्र में जनाधार सिमट गया। जीजेएम ने घीसिंग को 2008 में पर्वतीय क्षेत्र छोड़ने पर मजबूर किया। वे 2011 के विधानसभा चुनाव से पहले लौटे लेकिन चुनाव में उनकी पार्टी बुरी तरह पराजित हो गई जिसके बाद वे फिर से लौट गए। घीसिंग फिर हाल ही में लौटे हैं। इस बात की प्रबल अनुमान जाहिर किया जा रहा था कि या तो अपना प्रत्याशी घोषित करेंगे या किसी दूसरी पार्टी को समर्थन देंगे। पश्चिम बंगाल के कबीना मंत्री गौतम देब ने जीएनएलएफ के कदम का स्वागत किया है।
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